यंत्र क्या है ?
यंत्र को सभी सिद्धियां प्राप्त करने का द्वार भी कहा जाता है। यंत्र को धातु पत्त या किसी वस्तु पर आकृति , संख्या , चित्र द्वारा दर्शाया जाता है। कभी-कभी कोई उपकरण/हथियार स्वयं ही पूर्ण यंत्र होता है। इन यंत्रों को मंत्रों के द्वारा पोषित कर दिया जाता है। अब इस यंत्र को कोई भी धारण करें या उपयोग करें यह उसके लक्ष्य के लिए सार्थक सिद्ध होगा। यदि यंत्र को मंत्र के द्वारा संचालित नहीं करें तो वह निष्क्रिय ही पड़े रहते हैं और कभी कभी साधारण उपकरण भी यदि मंत्र द्वारा संचालित करें तो वह शक्तिशाली प्रभाव दर्शाते हैं। आदि गुरु शंकराचार्य जी ने तंत्र-मंत्र की सिद्धियां प्राप्त की थी और अपनी पुस्तक सौंदर्य लहरी में इनका वर्णन किया था।
सभी धर्मों में एक मूल मंत्र है- ओम् , आमीन, amen जिसका उच्चारण अ् से शुरू होकर न् पर समाप्त होता है , जो सातों चक्रों को जागृत करने की कंपन उत्पन्न करता हैं।
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