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ज्योतिष इतना प्रासंगिक / सटीक है


ज्योतिष इतना प्रासंगिक / सटीक है

मैं सुनील सिंह आज फिर आप सबके सामने पंडित जी कि डायरी से निकालकर एक प्रयोग रख रहा हूँ इस उम्मीद के साथ कि शायद मेरे इस कोशिश से किसी व्यक्ति का कुछ भला हो जाए अथवा ज्योतिष कि सच्चाई में कुछ विश्वास जम जाए। 

बात अक्टूबर २०२३ की है, अभी जो महीना बीता है उस महीने की। सुबह का समय था। वातावरण में हलकी नारमता थी। मैं श्री संतोष दुबे अर्थात् “पंडित जी” के साथ मंदिर पर बैठा था और “ज्योतिष झूठ है” इस विषय पर पंडित जी के साथ तर्क-वितर्क कर रहा था। 

लेकिन पंडित जी हर बार यही कहते थे कि नहीं भाई ज्योतिष पूर्ण सत्य है। गलत तो अल्पज्ञान होता है। लेकिन मैं भी कहाँ मानने वाला था कुछ न कुछ तर्क दिए ही जा रहा था। पंडित जी ने कहा कि भाई सुनील “ज्योतिष झूठ है” ऐसा सिर्फ वो लोग कहते हैं जिन्हें ज्योतिष विज्ञान के बारे में कुछ पता ही नहीं या ये हो सकता है वह जिस ज्योतिषी से मिले हों वो अल्पज्ञानी थे। बहुत आसान है किसी पवित्र विद्या पर आरोप लगना, पर आप जब खुद ज्योतिष पढ़ेंगे और सीखेंगे तो आपको समझ आयेगा आप जिस ज्योतिष विद्या का मज़ाक उड़ा रहे हैं या उस को गलत साबित करने में लगे हैं उसको सीखना कितना कठिन है। लेकिन मैं भी अपनी बात पर टिका रहा। 

अंत में पंडित जी ने कहा कि भाई सुनील तुम ठीक ही कहते हो, ज्योतिष बिल्कुल ही झूठ है। तुम जीत गए और अब घर जाकर आराम करो। कल सुबह आना। क्या आप महसूस कर सकते हैं कि मुझे इतना सुनकर कितनी ख़ुशी मिली होगी? बहुत खुश था मैं। पंडित जी से जीत की ख़ुशी व्याप्त थी मेरे चहरे पर। आज पहली बार मैं जीता था पंडित जी से। आखिर कुछ ज्ञान मुझे भी था ज्योतिष का। सो क्यों न जीतता।

मैं घर जाने के लिए तैयार ही हुआ था, कि तभी एक महिला पंडित जी से मिलने के लिए मंदिर पर आ गयी। वे अपनी एक महिला मित्र के बारे में सवाल पूछने आईं थीं। हालांकि ऐसा संभव नहीं हो पाता कि हर इंसान के बारे में याद रहे पर जिस तरह से इन मैडम से भेंट हुई और जैसे सवाल जवाब हुए वह भुलाए नहीं जा सकते।

उन्होंने अपनी महिला मित्र की जन्मकुण्डली दिखाकर पंडित जी से पूछा कि उनकी महिला मित्र को संतान कब होगी? पंडित जी ने पूरी जन्म कुण्डली अच्छे से देखी, और कहा कि उनकी महिला मित्र की कुंडली में 2 बच्चों के बहुत प्रबल योग थे।

पंडित जी ने पूछा कि उनकी महिला मित्र के पास पहले से एक बच्चा है ना? उन्होंने कहा कि नहीं, उनकी महिला मित्र के पास तो कोई बच्चा नहीं है अभी तक। पंडित जी ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता, इस समय दशा भी पंचमेश की चल रही थी, पंचमेश भी अच्छा बैठा है और D-7 जिसको हम बच्चों के लिए देखते हैं उसमें भी अच्छी स्थिति थी। लेकिन उन्होंने बोला नहीं ऐसा तो नहीं है, और अपनी बात पर अडिग रहीं।

फिर पंडित जी ने पूछा कि क्या जन्म का समय सटीक है? उन्होंने कहा कि हां, एकदम सटीक है, तो पंडित जी ने फिर से Calculation किया और यही जवाब दिया के आप अपने महिला मित्र से पूछिए। इसके बाद उस महिला ने कुछ और सवाल किये जिनके उत्तर से वह संतुष्ट थी फिर वे इतना कहकर चली गईं की बच्चों के बारे में सही उत्तर नहीं मिला क्यूंकि ऐसा होता तो उनको पता होता।

मैं भी कहाँ चूकने वाला था। मौके का फायदा उठाने कि लिए बोल ही पड़ा कि देखा पंडित जी आपने देखा कि ज्योतिष कितना झूठा है। उनके तो कोई बच्चा नहीं है। आपकी और ज्योतिष दोनों की ही बात झूठ है। लेकिन पंडित जी शांत रहे और मैं उत्तर पाता न देखकर घर चला गया।

नवम्बर महीने कि तीन तारीख को फिर से वही महिला Consultation के लिए आयीं, इस बार अपने उन्हीं महिला मित्र को भी लेकर आयीं थीं। उनकी महिला मित्र ने अपने कुछ सवाल किये, उसके बाद कहने लगी कि आपने कैसे कहा कि मेरे पास एक बच्चा है? पंडित जी ने कहा कि आपकी जन्मकुण्डली आपकी ज़िन्दगी का आइना है, अगर जन्म समय सही है तो बहुत सटीक उत्तर मिल सकते हैं। फिर पंडित जी ने उनसे पूछा आज आपने कुछ सफेद चीज़ खाई है, आने से पहले, तो वो हैरान हो गईं कि पंडित जी  को कैसे पता चला? वे तो पंडित जी से पहली बार मिली हैं। लेकिन पंडित जी ने कहा कि उनकी प्रश्न कुंडली में साफ दिख रहा था।

उसके बाद उन्होंने मेरे सामने ही पंडित जी को बताया कि उनको एक लड़का हुआ था, जिसके बारे में उनके करीबी परिवार जनों को ही पता है। उसको उन्होंने पैदा होते ही अपने ताऊ के बेटे को गोद के लिए दे दिया था। मित्र को इस बारे में जानकारी नहीं थी क्यूंकि वह उस समय बंगलौर में थीं, ये उनके परिवार का मामला भी था, उन्होंने किसी को भी नहीं बताया था। उनके भाई साहब उनके साथ ही रहते थे तो दोनों लोग मिल कर बच्चे की देखभाल कर रहे थे।

अब देखा आपने पंडित जी कि कहीं बातें कैसे और कितनी सच तथा सटीक थीं  कि उनके एक बच्चा है। और आज आने से पहले उनहोंने कोई सफ़ेद चीज खाई है, उन्होंने पंडित जी को धन्यवाद दिया और चलीं गईं। आज उनको इतना विश्वास है कि अब लगभग हर 2–3 दिनों में ही हमारी बातें उनसे हो जाती हैं। 

खैर!!!!!!

अब जो भी कुछ था। था तो सिर्फ हमारे समझ का चक्कर।।।।। 

आप पण्डित जी अर्थात् श्री सन्तोष दूबे जी से निम्नलिखित पते और मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं।।।।।

श्री सन्तोष दूबे "पण्डित जी"

( ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ )

( वैष्णव मंत्र, शिव-तंत्र, गायत्री एवं महाविद्या साधक )

(परामर्शदाता एवं सलाहकार) Counsellor and Consultant

( चिकित्सा, मनोविज्ञान, आध्यात्म, आध्यात्मिक चिकित्सा, नारायण योग, ज्योतिष, रत्न, वास्तु, परिवार एवं रिश्ते, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार एवं व्यवसाय, विवाह, टेक्नोलॉज़ी, मनोरोग, गुप्तरोग, योग एवं योगा, शरीर ऊर्जा, साधना एवं सिद्धियां, प्राण – ऊर्जा )

कार्य स्थान- दिल्ली, गुडगाँव, नोएडा, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलौर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, भोपाल, मध्यप्रदेश, पुणे, गोवा, हिमांचल प्रदेश।

सम्पर्क- बेलवाई माधोपुर, स्वयंभू महादेव शिव मंदिर,  सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश, भारत

आवास- बिलवाई दुबाना ( दक्षिण का पुरवा), गालिबपुर, आजमगढ़, उत्तर - प्रदेश, भारत

कार्यालय- चन्द्रकला भवन, कलान - बीबीगंज रोड, नजदीक कलान गांव मोड़, कलान चौराहा से 200 मीटर आगे बीबीगंज रोड पर, कलान, सुल्तानपुर, उत्तर - प्रदेश, भारत

फोन- +91 - 9213032623