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पति से परेशान पत्नी ने पण्डित जी से की मदद की गुहार

 पति से परेशान पत्नी ने पिता के साथ आकर डॉक्टर सन्तोष दूबे अर्थात्  पण्डित जी से मिली और की मदद की गुहार




जून 2023, स्थान - लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत


मैं सुनील कुमार सिंह आज फिर पण्डित जी की डायरी से एक पत्र लेकर उपस्थित हूँ। गोपनीयता की दृष्टि से पीड़ित औरत और परिवार का नाम पण्डित जी ने गुप्त रखने को कहा है।


लखनऊ के एक गरीब परिवार से थी यह महिला। विवाह के कुछ समय बाद ही उसके ससुराल वालों ने उसे बात बात पर प्रताड़ित करना शुरु कर दिया। दहेज की मांग करने लगे। मारपीट करने लगे। पति भी अपने ही परिवार का साथ दे रहा था। परिवार के लोग उसे कभी घर से बाहर खुले वातावरण में निकलने ही नहीं देते थे। उसके लिए तो जैसे ससुराल जेल ही बन गया था। 

वह अपने माँ बाप से भी कभी कोई ज्यादा बात नहीं कर पाती थी पहले तो इसे फोन ही नहीं मिलता था और अगर किसी तरह मिल भी गया तो परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेंशा उसके पास मौजूद रहता था।

अब समय बीतता गया। औरत का शरीर कमजोर पड़ता गया। कुछ समय बाद वह एक लड़की की माँ बन गई। कमजोरी की वजह से उसका दिमाग चिड़चिड़ा हो गया और फिर घर में अशांति का माहौल रहने लगा। 

तभी अचानक उसकी एक सहेली ने उसे बताया कि उसके पति का उसके साथ पुराना और गहरा सम्बंध रहा है। ये लो क्या से क्या हो गया। परिवार बिखर गया। बात तलाक तक पहुंच गई। 

करीब छ: महीने के बाद तलाक भी हो गया। 

काफी कोशिश के बाद भी ससुराल वाले उसे अपने बेटे के साथ रखना नहीं चाहते थे। अब उसका जीवन मायके में ही  कटने लगा।

पुलिस और बड़े लोग भी लड़के पक्ष का ही साथ दे रहे थे आखिर में वह पक्ष बहुत धनवान था। धन की ताकत तो सभी जानते हैं।

औरत का जीवन बर्बाद होने लगा। 

लेकिन एक दिन पता नहीं कहाँ से एक फकीर उनके घर आया और उसने उन्हें डॉक्टर सन्तोष दूबे जी अर्थात् पंडीत जी के बारे में बता गया। 

अब उसके घर वालों से पण्डित जी से सम्पर्क किया और जैसे ही अपनी बेटी की आपबीती बताने को तैयार हुये कि तभी पण्डित जी नें उन्हें कुछ कहने से रोक दिया।

फिर एक माला हनुमान जी का एक मंत्र जाप करमे को बोला। जैसे ही जाप खत्म हुआ बिना पूंछे ही पण्डित जी ने उनको सारी बातें बता दिया जो कुछ भी जितना कुछ भी उस औरत के साथ हुआ था। 

इतना सुनना था कि औरत रोने लगी। और पण्डित जी से कुछ करने को बोली जिससे कि उसका घर फिर से बस जाये। 

पण्डित जी को उस पर दया आ गई और उन्होँने उसके सिर पर कोई मंत्र पढ़कर पाँच बार गंगाजल के छीटे मार दिया। बस बोले कि जाओ तुम जीत गई । कल के बाद तुमको लेने तुम्हारा पति आ जायेगा। तुम उसके  साथ चली जाना और सुख पूर्वक रहना।


आज वह औरत पूरी तरह से अपने ससुराल में खुस है। सभी सदस्य उसे बहुत प्यार करते हैं। 


पण्डित जी अर्थात् डॉक्टर सन्तोष दूबे जी से आप निम्नलिखित पते और मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं।।।।।


डॉक्टर सन्तोष दूबे ( पण्डित जी )

BAMS (चिकित्सा), M.A. (मनोविज्ञान), Ph.D. (ज्योतिष, रत्न, वास्तु)

(परामर्शदाता एवं सलाहकार) Counsellor and Consultant

परिवार एवं रिश्ते, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार एवं व्यवसाय, टेक्नोलॉज़ी, विवाह, मनोरोग, गुप्तरोग, योग एवं योगा, शरीर ऊर्जा, साधना एवं सिद्धियां, आध्यात्म, प्राण - ऊर्जा, ज्योतिष - रत्न एवं वास्तु


सम्पर्क : बेलवाई, सुल्तानपुर, भारत

फोन : +91 - 9213032623