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नौकरी के लिए अदालत का चक्कर काट रहा था बेचारा गरीब युवक

 शराब के साथ पकड़ा गया 36 वर्षीय युवक नौकरी के लिए अदालत का चक्कर काट रहा था।



जून 2023, स्थान - गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, भारत।


मैं सुनील कुमार सिंह आज एक और नया पत्र पण्डित जी की डायरी से लेकर आप सबके सामने प्रस्तुत हूं। अब आगे आप लोग ही निर्णय करें कि पण्डित जी का यह कार्य किसी मजबूर और गरीब परिवार की रोटी चलाने के लिए उचित था या नहीं।

वैसे जब मैनें यही प्रश्न डॉक्टर सन्तोष दूबे अर्थात् पंडित जी के सामने रखा तो पण्डित जी ने क्या कहा इसे देखें ----पण्डित जी ने कहा कि यद्यपि यह कार्य करना ठीक नहीं था लेकिन किसी गरीब का मामला था उसके पीछे दो बच्चे भी थे जिनके लिए रोटी और शिक्षा की व्यवस्था उसी के जिम्मे थी। इसलिये उसका कार्य करना जरूरी लगा और फिर माता  दुर्गा की कृपा से सब ठीक ही हुआ। अब जिस कार्य को माता जी पूरा कर देती हैं वह तो सर्वथा उचित ही होगा अब चाहे कानून गलत कहे या लोग, माता रानी की  इच्छा ही सर्वोच्च है।


अब आगे कहानी देखें----

कुछ महीने पहले मिस्टर रजत कुमार वर्मा जी की नौकरी सिर्फ इसलिये चली गई थी क्योंकि उन्हें पुलिस कार में रखकर शराब की बोतल रखकर बेचे जाते हुये गिरफ्तार किया गया था। वर्मा जी खुद पुलिस में थे और पुलिस की कार में शराब की पूरी पेटी रखकर बेंचने जा रहे थे।  शराब बेचना उस समय मना था। 

किसी की शिकायत पर नारकोटिक्स और पुलिस दोनों ने पीछा किया और एक चौराहे पर बेचते हुए गिरफ्तार कर लिया।


अब कार्यवाही हुई और मामला अदालत में लम्बा चला फैसला नहीं हो रहा था। नौकरी से निलम्बित कर दिया गया। बेचारे हर कोशिश करके हार गये कोई   रास्ता नहीं मिला।

फिर बेचारे किसी के बताने पर पण्डित जी से सम्पर्क किये। पण्डित जी नें पहले तो गैरकानूनी कार्य करने के कारण उसे मना कर दिया लेकिन जब वह रोते हुये अपने छोटे छोटे बच्चों की दुहाई देने लगे तब पण्डित जी को दया आ गई और उन्होँने उसके कार्य को करने के लिए हाँ बोल दिया।

पण्डित जी ने उसे 21 दिन ला समय दिया जबकि कार्य सिर्फ 18 दिन में ही पूरा हो गया। उसे अदालत से नौकरी पर रखने की पुलिस विभाग को आदेश प्राप्त हो गया। अब वह व्यक्ति काफी खुस था। पण्डित जी को उनकी फीस दे वह व्यक्ति घर गया। 

लेकिन फिर दस दिन के बाद वह वापस पण्डित जी की शरण में आ गया। और बताया कि अब मामला पुलिस विभाग में लटका पड़ा है। उसने पण्डित जी से एक बार फिर से मदद करने को कहा। एक बार फिर वही प्रयोग। अबकी बार उसका कार्य मात्र 10 दिन में हो गया। पुलिस विभाग नें उसे नौकरी पर वापस बुला लिया।


आज उसका यानि कि वर्मा जी का परिवार पूरा खुस था एक बार फिर उसने पण्डित जी को दक्षिणा दिया और घर चला गया।


देखा आपने दिव्य शक्तियों का कमाल। आसमानी शक्तियाँ भी कमाल करती हैं। खैर कर भला तो हो भला।


समाप्त


सम्पर्क

पण्डित जी अर्थात् डॉक्टर सन्तोष दूबे जी से आप निम्नलिखित पते और मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं।।।।।


डॉक्टर सन्तोष दूबे ( पण्डित जी )

BAMS (चिकित्सा), M.A. (मनोविज्ञान), Ph.D. (ज्योतिष, रत्न, वास्तु)

(परामर्शदाता एवं सलाहकार) Counsellor and Consultant

परिवार एवं रिश्ते, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार एवं व्यवसाय, टेक्नोलॉज़ी, विवाह, मनोरोग, गुप्तरोग, भूत - प्रेत अथवा नकारात्मक ऊर्जा, तंत्र - मंत्र - यंत्र अथवा विशेष ध्वनि  ऊर्जा, शारीरिक ऊर्जा क्षेत्र अथवा शरीर औरा  एनर्जी, योग एवं योगा, साधना एवं सिद्धियां, जाप - हवन - यज्ञ एवं पूजा - पाठ, कर्मकांड, अध्यात्म एवं प्राण - ऊर्जा, ज्योतिष - रत्न एवं वास्तु


सम्पर्क : बेलवाई, सुल्तानपुर, भारत

फोन : +91 - 9213032623