नशे का गुलाम एक पति और उसके परिवार वालों का अत्याचार पत्नी के ऊपर
फरवरी - 2022, स्थान - दिल्ली, भारत
दिन के ठीक 11 बजे होंगे। एक औरत का फोन मेरे पास आया। उसने बताया कि उसका जीवन नर्क बन गया है उसका पति शराब बहुत ज्यादा पीता है, गूटखा खाता है, भांग भी खाता है, चिलम पीता है। और अब तो हद ही कर दिया है एक दूसरी औरत के साथ मेरे ही बेडरूम में सोने लगा है। किसी से डरता नहीं। उसकी माँ यानि कि मेरी सासु भी अपने ही बेटे का साथ देती हैं। रोज मेरे साथ मारपीट करता है।
उस समय मैं दिल्ली के अपने फ्लैट में मौजूद था और काली महाविद्या का जाप कर रहा था।
और अचानक ही मेरे मुंह से निकल गया उसका नाम। मैनें कहा कि रजिता जी आपने यह तो बताया ही नहीं की अब वह आपका पति आपसे सोने के गहने और पैसे मांगता है। वह सोने के गहने जिन्हें आपने अपने नैहर में रख रखा है।
और तो और रात के 10 बजे वह कोई नौकरी करने के लिए बाहर चला जाता है। लेकिन अभी चार दिन पहले आपके पड़ोसी को पता लगा की वह कोई नौकरी नहीं करता बल्कि किसी तीसरी औरत के पास रात बिताता है जो कि विधवा है और शराब बेंचती है। और अब वो बेचारी आश्चर्यचकित थी अपने नाम के साथ साथ अपने साथ घटी घटना को बिना बताये मेरे मुंह से सुनकर।
परंतु मेरे लिए तो कोई नई बात थी नहीं । महाविद्या काली माँ की साधना के कारण किसी का नाम और घटना जान लेना कोई नई बात नहीं है शायद सभी साधक एक स्तर पर पहुंचने के बाद किसी का नाम बिना जाने सुने मुझसे ज्यादा ही बता देते हैं यहाँ तक कि आने का प्रयोजन तक भी बता देते हैं।
मैनें खुद अपनी आंखों से देखा है कई साधकों को जो अपनी अलग - अलग साधनाओं के द्वारा कई बार लोगों का नाम, उसके पूरे परिवार का नाम, घटनाक्रम और यहाँ तक कि आने का कारण भी ठीक-ठीक बता देते हैं।
उसने मुझे बताया कि वह कई बाबाओं, आस-पास के लोगों और ओझाओं से मदद मांग चुकी है। लेकिन उनके काफी प्रयासों और खर्चों के बावजूद उसका कोई फायदा नहीं हुआ। अब वह मेरे पास फोन की है और मुझसे मिलने आना चाहती है। मैनें उसे साफ कह दिया कि मैं किसी औरत से नहीं मिलता। हाँ अगर बहुत जरूरी हो तो मेरी पत्नी के रहने पर अपने पिताजी या भाई के साथ आ सकती है और वो भी सिर्फ दिन में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक। इसके बाद नहीं।
मैनें उसे विश्वास दिलाया कि वह पूर्ण निश्चिंत हो जाए।अब उसका पारिवारिक जीवन फिर से मधुर हो जायेगा। पति का हर नशा छूट जायेगा। वह कोई काम काज भी करने लगेगा। अपनी व्याही पत्नी यानि कि तुम्हे छोड़कर किसी औरत से सम्बंध नहीं रखेगा।
इतना सुनना था कि रजिता जी का चेहरा खुशी से चमकने लगा। उसने कहा कि अब भरोसा हो गया कि मैं सही जगह पर आई हूँ। जैसा मैनें सुना था ठीक वैसा ही पाया। अब मुझे पूरा भरोसा हो गया कि मेरा पति और पारिवारिक जीवन पूर्ण ठीक हो जायेगा।
और यह कहकर वो रोने लगी की वो पहले ही क्यों नहीं मेरे पास आयी। कई हजार रुपये खर्च करने और काफी समय गवां देने के बाद आज उसकी मुलाकात मुझसे हुई थी।
लेकिन अभी क्या करना है और कैसे करना है, यह मैं स्वयं भी नहीं समझ पा रहा था। मैनें उन्हें कहा कि वो अपने पिताजी को मेरे पास भेज दें।।
ठीक दो दिन बाद रजिता जी के पिता जी मुझसे मिलने मेरे दिल्ली स्थित आवास पर आये। मैनें उनसे कहा कि उनकी बेटी के पती को नशामुक्त करने के लिए दवाईयां कौन देगा और कैसे देगा।
उसके पिताजी ने कहा कि दवाईयां खिलाना और पिलाना सम्भव नहीं होगा। किसी और तरीके से काम कीजिये।
कहानी लम्बी हो सकती है इसलिये संक्षेप में बता देना चाहता हूँ कि इस केस में दवाईयों का प्रयोग सम्भव नहीं लग रहा था। कई किस्म के नशे और औरतखोरी के कारण दवाई द्वारा ठीक करना सम्भव नहीं लग रहा था। फिर भी कुछ दवाईयों को मीठे ठोकवे में डालकर खिलाने को कह दिया और कुछ अधिक जटिल तंत्र मंत्र का प्रयोग करके उसे पूरा ठीक कर दिया। ये तंत्र मंत्र शिव जी के द्वारा प्रतिपादित शाबरी विद्या से प्राप्त किये गये थे जो कि मेरे द्वारा पहले से ही सिद्ध किये गये थे। इस सारी प्रकिया में वैदिक रूप से दान की महिमा और भगवान की पूजा का भी उचित समावेश किया गया था। समय भी कई दिन लगे थे। आज सब ठीक है।
समाप्त
सन्तोष दूबे
(परामर्शदाता एवं सलाहकार) Counsellor and Consultant
परिवार एवं रिश्ते, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार एवं व्यवसाय, टेक्नोलॉज़ी, विवाह, मनोरोग, गुप्तरोग, भूत - प्रेत अथवा नकारात्मक ऊर्जा, तंत्र - मंत्र - यंत्र अथवा विशेष ध्वनि ऊर्जा, शारीरिक ऊर्जा क्षेत्र अथवा शरीर औरा एनर्जी, योग एवं योगा, साधना एवं सिद्धियां, जाप - हवन - यज्ञ एवं पूजा - पाठ, कर्मकांड, अध्यात्म एवं प्राण - ऊर्जा, ज्योतिष - रत्न एवं वास्तु
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